Welcome To Anondo Gaan

CONTENTS

Friday, August 8, 2014

Dil-e-Naadaan - Lyrics & Translation

Lyrics

Dil-e-naadaan tujhe huaa kya hai ? 
Aakhir is dard kee dawa kya hai 

Ham hain mushtaaq aur woh bezaar 
Ya ilaahee ! Yeh maajra kya hai ? 

Mai bhi munh mei zabaan rakhta hoon. 
Kaash poochho ki muddaa kya hai? 

Hamko unse wafa ki hai ummeed 
Jo naheen jaante wafa kya hai 

Jaan tum par nisaar karta hoon 
Main naheen jaanata duaa kya hai 

दिल-ए-नादाँ तुझे हुआ क्या है 
आख़िर इस दर्द की दवा क्या है? 

हम हैं मुश्ताक़ और वो बेज़ार 
या इलाही ये माजरा क्या है। 

मैं भी मूंह में ज़बान रखता हूँ 
काश पूछो कि मुद्दा क्या है? 

हमको उनसे वफ़ा की है उम्मीद 
जो नहीं जानते वफ़ा क्या है। 

जान तुम पर निसार करता हूँ 
मैं नहीं जानता दुआ क्या है।

Lyrics: Mirza Ghalib.


Translation



O' my innocent heart what happened to you? 
What could be cure of all these pains after all? 

I am covetous and she callous. 
O'god! What this affair is after all? 

I too have a voice in my mouth. 
Ask me what the issue is after all. 

I hope for loyalty from those naive. 
Who don't know what loyalty is after all. 

My life I am willing to offer to you. 
I don't know what else is prayer after all. 

© Translation in English by Deepankar Choudhury


P.S:- This portion of the ghazal featured in the movie.
                The ghazal in its entirety is mentioned below. 





The Original Ghazal Lyrics 


Dil-e-naadaan tujhe huaa kya hai ? 
Aakhir is dard kee dawa kya hai 

Ham hain mushtaaq aur woh bezaar 
Ya ilaahee ! Yeh maajra kya hai ? 

Mai bhi munh mei zabaan rakhta hoon. 
Kaash poochho ki muddaa kya hai? 

Jab ki tujh bin naheen koee maujood 
Fir ye hangaama, 'ei khuda ! Kya hai? 

Ye pari chehara log kaise hain? 
Gamzaa-o-ishvaa-o- adaa kya hai? 

Shikan-e-zulf-e-ambree kyun hai? 
Nigahein-e chasm-e soorma kya hai? 

Sabz-o-gul kahaan se aaye hain? 
Abr kya cheez hai, havaa kya hai? 

Hamko unse wafa ki hai ummeed 
Jo naheen jaante wafa kya hai 

Haan bhala kar tera bhala hoga 
Aur darvesh ki sadaa kya hai? 

Jaan tum par nisaar karta hoon 
Main naheen jaanata duaa kya hai 

Maine maana ki kuchh nahin Ghalib 
Muft haath aaye to bura kya hai ? 


दिल-ए-नादाँ तुझे हुआ क्या है 
आख़िर इस दर्द की दवा क्या है? 

हम हैं मुश्ताक़ और वो बेज़ार 
या इलाही ये माजरा क्या है। 

मैं भी मूंह में ज़बान रखता हूँ 
काश पूछो कि मुद्दा क्या है? 

जब कि तुझ बिन नहीं कोई मौजूद 
फिर ये हंगामा ए खुदा क्या है? 

ये परी चेहरा लोग कैसे हैं? 
गम जा -ओ-इश्व-ओ-अदा क्या है? 

शिकन-ए-जुल्फ-ए-अम्बरी क्यों है? 
निगाह-ए-चस्म-ए-सुरमा सा क्या है? 

सबज़-ओ-गुल कहाँ से आये हैं? 
अब्र क्या चीज़ है, हवा क्या है? 

हमको उनसे वफ़ा की है उम्मीद 
जो नहीं जानते वफ़ा क्या है। 

हाँ भला कर तेरा भला होगा 
और दरवेश कि सदा क्या है? 

जान तुम पर निसार करता हूँ 
मैंने नहीं जानता दुआ क्या है। 

मैंने माना कि कुछ नहीं ग़ालिब 
मुफ्त हाथ आये तो बुरा क्या है? 


Lyrics: Mirza Ghalib. 

Translation


O' my innocent heart what happened to you? 
What could be cure of all these pains after all? 

I am covetous and she callous. 
O'god! What this affair is after all? 

I too have a voice in my mouth. 
Ask me what the issue is after all. 

When the world is non existent without you; 
Then what all these ruckus is after all? 

What about all these beautiful faces? 
Side glances, airs, flirting; what are all these after all? 

Why curls of your hairs are fragrant? 
In your eyes duo, why kohl is there after all? 

From where do all these flowers and greenery come? 
What for clouds are, what breeze are for after all. 

I hope for loyalty from those naive. 
Who don't know what loyalty is after all. 

Yet you do good for good to happen to you. 
What else the ascetic is preaching after all? 

My life I am willing to offer to you. 
I don't know what else is prayer after all. 

I agree that Ghalib-the poet is not worthy of you. 
Yet if you get love freely what is the problem after all? 


© Translation in English by Deepankar Choudhury 

Translation 

আমার অবুঝ মন তোমার কি হয়েছে বলো? 
এই যন্ত্রণার শেষ কোথায় তুমি বলো? 

আমি আকুল আর সে উদাসীন- 
হাঃ ভগবান, এ কি অবস্থা তুমি বলো? 

আমার মুখেও কথা আছে - 
আমাকেই জিজ্ঞ্যেশ করতে, এ কি ব্যাপার তুমি বলো? 

যখন তোমায় ছাড়া পৃথিবীর নেই কোনও অস্তিত্ব - 
তাহলে, ভগবানের নামে এতো ঝামেলা কেন তুমি বলো? 

এই সুন্দর দেখতে মানুষজন কারা? 
ঐ কটাক্ষ দৃষ্টি, প্রগল্ভতা, এই সব কেন তুমি বলো? 

কেন তোমার কেশে এতো সুগন্ধি? 
তোমার চোখে কাজল কেন, তুমি বলো? 

এতো ফুল এতো শ্যামল কোথা থেকে এলো? 
মেঘই বা কেন, মৃদু বায়ুই বা কেন, তুমি বলো? 

আমি ওনার কাছে ভরসা আশা করছি- 
উনি জানেনই না আশাভরসা কি, তুমি বলো! 

ভালো করো তোমার ভালো হবে। 
আর সাধুরা এর থেকে বেশী কি বলবে, তুমি বলো! 

আমি তোমার জন্য প্রানও দিতে পারি। 
আর কি প্রার্থনা করতে পারি; তুমি বলো! 

আমি জানি তোমার যোগ্য আমি নহে- 
তবুও খোলা মনে যদি ভালোবাসো তো কি ক্ষতি তুমি বলো? 

© Translation in Bengali by Deepankar Choudhury