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Thursday, January 22, 2015

Shayad Main Zindagi-Lyrics & Translation_Ghazal_Jagjit Singh


Lyrics 

Shayad Main Zindagi Ki Sahar Le Ke Aa Gaya 
Qaatil Ko Aaj Apne Hi Ghar Le Ke Aa Gaya 

Taa-Umr Dhundta Raha Manzil Main Ishq Ki 
Anjaam Ye Ke Garde Safar Le Ke Aa Gaya 

Nashtar Hai Mere Haath Mein Kandhon Pe Maikada 
Lo Main Ilaaz-E-Dard-E-Jigar Le Ke Aa Gaya 

‘Fakir’ Sanam Maikade Mein Na Aata Main Lautkar 
Ik Zakhm Bhar Gaya Tha Idhar Le Ke Aa Gaya 

शायद मैं जिन्दगी की सहर ले के आ गया। 
कातिल को आज अपने ही घर ले के आ गया।। 

ता उम्र धुंद्ता रहा मंज़िल मैं इश्क की। 
अंजाम ये के गरदे सफर ले के आ गया।। 

नश्तर है मेरे हाथ में कंधों पे मयकदा। 
लो मैं इलाजे दर्द-ऐ-जिगर ले के आ गया।। 

‘फाकिर’ सनम मयकदे में न आता मैं लौटकर। 
इक ज़ख्म भर गया था इधर ले के आ गया।। 

Lyrics: Sudarshan Faakir 
Music: Jagjit Singh 
Singer: Jagjit Singh. 

Translation

It appears as if dawn of my life I brought with me. 
My own killer in my home today I brought with me. 

For my life entire I searched for my goal of love. 
In dusty alleys it seems the end to it I have brought with me. 

Lancet in my hands and a on shoulders cask of wine. 
Look, my doctor of my heart-ache I have brought with me. 

Dear me, I would've never returned to the bar again. 
A wound had healed which I have brought here with me. 

© Translation in English by Deepankar Choudhury. 

Translation

মনে হয় আমার জীবনের ভোর আমি নিয়ে এসেছি। 
আমার হত্যাকারীকে আজ আমি সাথে নিয়ে এসেছি।। 

সারা জীবন খুঁজে বেড়ালাম প্রণয়ের গন্তব্যের সন্ধানে- 
কোনও অন্ধকার গলিতে পথের শেষ পেয়ে গেছি।। 

এক হাতে বল্লম ও কাঁধে মদিরার ভাঁড়- 
দেখো আমার হৃদয়-রোগের চিকিৎসক আমি নিয়ে এসেছি।। 

আমি কখনই মদিরালয়ে ফিরে আসতাম না- 
একটা ক্ষত ভরে গেছে সেটাকে নিয়ে এসেছি।। 

© Translation in Bengali by Deepankar Choudhury.